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राजस्थान की प्रमुख झीलें Major lakes of Rajasthan Hindi Notes PDF Download

राजस्थान की प्रमुख झीलें Major lakes of Rajasthan Hindi Notes PDF Download

Rajasthan, a state in the northern region of India, is home to a number of large lakes. These lakes not only serve as important sources of water for the region, but also attract a large number of tourists every year due to their scenic beauty. Major lakes of Rajasthan Hindi Notes PDF Download below.

Page Contents

राजस्थान की प्रमुख झीलें

मीठे पानी की झीलें

प्राकृतिक झीलेंकृत्रिम झीलें
पुष्कर झील
नक्की झील
कोलायत झील
गजनेर झील
तलवाड़ा झील
तालछापर झील
गैप सागर झील
कनकसागर
जयसमंद झील
राजसमंद झील
पिछोला झील
फतेह सागर झील
उदय सागर झील
आनासागर झील
फोय सागर झील
कायलाना झील
सिलीसेड झील

मीठे पानी की प्राकृतिक झीलें

(i) पुष्कर झील (अजमेर)

मीठे पानी की प्राकृतिक झीलें पुष्कर झील (अजमेर)
photo cerdit -wikipedia
  • उपनाम -तीर्थराज, तीर्थों का मामा, हिन्दुओं का पाँचवाँ तीर्थ ।
  • यह ज्वालामुखी क्रिया द्वारा निर्मित क्रेटर/कोल्डर झील का उदाहरण है।
  • यह राजस्थान की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील है।
  • पुष्कर झील धार्मिक दृष्टि से सबसे पवित्र झील है।
  • पुष्कर झील के पास ब्रह्माजी का मंदिर, सावित्री जी का मन्दिर, रमा बैकुंठेश्वर मंदिर, भर्तृहरि की गुफा और कण्व मुनि का आश्रम है।
  • पुष्कर झील के किनारे 52 घाट स्थित है, जिसमें जनाना घाट व गाँधी घाट सर्वाधिक प्रसिद्ध है।
  • पुष्कर झील के किनारे कार्तिक पूर्णिमा को विशाल मेला लगता है, जिसे रंगीला मेला, कार्तिक मेला या गुब्बारों का मेला कहते हैं।

(ii) नक्की झील (माउण्ट आबू – सिरोही)

मीठे पानी की प्राकृतिक झीलें नक्की झील (माउण्ट आबू - सिरोही)
photo cerdit -wikipedia
  • राजस्थान की सबसे ऊँची व सबसे गहरी झील, जो ज्वालामुखी क्रिया से निर्मित क्रेटर झील का उदाहरण है।
  • नक्की झील के टॉड रॉक, नन रॉक, नंदी रॉक व हॉर्न रॉक नामक चट्टानें हैं।
  • नक्की झील के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण देवताओं ने नाखूनों से खोदकर किया था।
  • नक्की झील को गरासिया जनजाति के लोग सबसे पवित्र स्थल मानते हैं।
  • नक्की झील के किनारे रघुनाथ जी का मंदिर, हाथी चम्पा गुफा, राम झरोखा आदि स्थान हैं।
  • राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउण्ट आबू है।

(iii) गजनेर झील (बीकानेर)

• राजस्थान की एकमात्र झील जो दर्पण के समान प्रतीत होती है। गजनेर झील के पास ही गजनेर अभयारण्य बना है जो कि बटबड़ पक्षी के लिए प्रसिद्ध हैं।

(iv) कोलायत झील (बीकानेर)

  • कपिलमुनी की तपोस्थली ।
  • चारण जाति के लोग यहाँ दर्शन करने नहीं आते हैं।
  • पीपल के वृक्षों की अधिकता के कारण इसे शुष्क मरुस्थल का सुन्दर मरु उद्यान कहते हैं।

(v) तलवाड़ा झील – हनुमानगढ़

(vi) नवलखा झील – बूंदी

(vii) दुगारी/कनक सागर – बूंदी

(viii) तालछापर झील – चूरू

(ix) गैब सागर – डूंगरपुर

(x) मानसरोवर – झालावाड़

(xi) कोडिला – झालावाड़

(xii) पीथमपुरी सीकर

राजस्थान की मीठे पानी की कृत्रिम झीलें-

(i) जयसमंद झील / ढेबर झील (उदयपुर)

  • राजस्थान की सबसे बड़ी मीठे पानी की कृत्रिम झील है। .
  • गोमती नदी पर स्थित है।
  • यह राजस्थान की पहली कृत्रिम झील है। इसका निर्माण मेवाड़ महाराणा जयसिंह ने (1685-1691 ई.) करवाया था।
  • जयसमंद झील में 7 टापू हैं, जिनमें सबसे बड़ा टापू बाबा का मगरा / बाबा का भांगड़ा तथा सबसे छोटा टापू प्यारी है।
  • जयसमंद झील के पास रूठी रानी का महल, चित्रित हवामहल, हाथी की पाषाण मूर्ति है।
  • जयसमंद झील से सिंचाई हेतु श्यामपुर तथा भाट नामक 2 नहरें निकाली गई हैं।

(ii) राजसमंद झील (राजसमंद)-

  • राजसमंद झील का निर्माण महाराणा राजसिंह ने 1662 ई. में कांकरोली (नाथद्वारा) में गोमती, ताल तथा केलवा नदियों के पानी को रोककर करवाया।
  • देश की प्रथम झील जिसका निर्माण अकाल राहत किया गया है।
  • घेवर माता द्वारा नींव रखी जाने के कारण राजसमंद झील के किनारे घेवर माता का मंदिर है।
  • राजसमंद झील के किनारे नौ चौकी की पाल पर विश्व की सबसे बड़ी प्रशस्ति (राज प्रशस्ति) 25 शिलालेखों पर संस्कृत भाषा में उत्कीर्ण हैं। राज प्रशस्ति के लेखक रणछोड़ भट्ट हैं।

(iii) पिछोला झील (उदयपुर)-

मीठे पानी की कृत्रिम झीलें पिछोला झील (उदयपुर)
photo cerdit -expedia
  • पिछोला झील का निर्माण राणा लाखा के समय पिच्छू बंजारा द्वारा पिछोला गाँव (उदयपुर) में करवाया गया।
  • पिछोला झील में सिसाराम व बुझडा नदी का जल आता है।
  • इस झील के किनारे नटनी का चबूतरा स्थित है।
  • विद्रोह के समय शाहजहाँ को यहाँ रखा गया था।
  • पिछोला झील में दो महल बने हुए हैं।

(1) जग मंदिर महल-

  • पिछोला झील में एक टापू पर बने जग मंदिर महल को ताजमहल का पूर्वगामी कहा जाता है।।
  • इसका निर्माण महाराणा कर्णसिंह ने प्रारंभ करवाया था किन्तु इसका पूरा कार्य महाराणा जगतसिंह प्रथम ने करवाया था।
  • सन् 1857 की क्रांति के दौरान महाराणा स्वरूप सिंह ने
  • पिछोला झील राजस्थान की पहली झील है जहाँ सौर ऊर्जा संचालित नौका चलाई जा रही है।

(2) जगनिवास महल

  • इसका निर्माण महाराणा जगतसिंह द्वितीय ने करवाया था।

(iv) फतेह सागर झील, उदयपुर-

मीठे पानी की कृत्रिम झीलें फतेह सागर झील, उदयपुर
  • निर्माण महाराणा जयसिंह ने करवाया था।
  • महाराणा फतेहसिंह द्वारा वर्ष 1678 में विकसित किया गया था।
  • फतेह सागर झील की नींव अंग्रेज अधिकारी ड्यूक ऑफ कनॉट द्वारा रखी गई इसलिए फतेह सागर पर बने बाँध का नाम कनॉट बाँध रखा है।
  • फतेह सागर के सबसे बड़े टापू पर नेहरू उद्यान, दूसरे टापू पर सौर वैधशाला और सबसे छोटे टापू पर जेट माउण्टेन स्थित है।
  • भारत की सबसे बड़ी सौर वैधशाला फतेहसागर झील में लगी है।
  • फतेहसागर झील को पिछोला झील से स्वरूप सागर नहर जोड़ती है।

(v) उदय सागर झील (उदयपुर)

  • इसका निर्माण महाराणा उदयसिंह ने 1559 ई. में करवाया था।
  • यह बेड़च नदी पर बनाया गया बाँध है।

(vi) आनासागर झील (अजमेर) –

  • आनासागर झील का निर्माण अजमेर चौहान शासक
  • अर्णोराज द्वारा (1137 ई.) तुर्की सेना के रक्त से रंगी धरती को साफ करने हेतु करवाया गया।
  • जहाँगीर ने आनासागर झील के किनारे दौलतबाग (सुभाष उद्यान) का निर्माण करवाया था।
  • यहाँ पर जहाँगीर ने टॉमस रो से मुलाकात की थी।
  • शाहजहाँ ने आनासागर झील पर बारहदरी का निर्माण करवाया। (पूर्णत: संगमरमर से बनी)।

(vii) फॉय सागर झील (अजमेर)

  • फॉय सागर झील का निर्माण अकाल राहत कार्य के दौरान 1891-92 ई. में अंग्रेज अधिकारी फॉय के निर्देशन में हुआ था।
  • यह बाण्डी नदी पर स्थित है।

(viii) बालसमंद झील (जोधपुर)

  • गुर्जर प्रतिहार शासक बालक राव (बाऊक) ने बालसमंद झील का निर्माण करवाया था।

(ix) सिलीसेढ़ झील/नंदन कानन (अलवर)

  • सिलीसेढ़ झील का निर्माण अलवर के महाराजा विनय सिंह ने करवाया था।
  • यह झील गोल्डन ट्रायगंल (दिल्ली, आगरा, जयपुर) पर स्थित है।

(x) कायलाना झील (जोधपुर)

  • इसका निर्माण काल 1872 ई. में हुआ था।
  • इसका निर्माण जोधपुर के महाराजा सर प्रताप सिंह ने अकाल राहत कार्य के दौरान करवाया था।

(x) पन्नाशाह तालाब – झुंझुनूं

(xi) राम सागर – धौलपुर

(xii) तालाब शाही – धौलपुर

(xiii) गजरूप सागर – जैसलमेर

(xiv) मूल सागर – जैसलमेर

(xv) अमर सागर – जैसलमेर

(xvi) गढ़सीसर – जैसलमेर

(xvii) तेज सागर – प्रतापगढ़

(xviii) जैत सागर – बूंदी

राजस्थान की खारे पानी की झीलें

  • फलोदी – जोधपुर
  • रेवासा – सीकर
  • काछोर – सीकर
  • डेगाना – नागौर
  • कुचामन – नागौर
  • तालछापर – चूरू
  • लूणकरणसर- बीकानेर
  • डीडवाना नागौर
  • पचपदरा – बाड़मेर
  • कावोद – जैसलमेर
  • सांभर – जयपुर

उत्तर-पश्चिम राजस्थान में मुख्यतः खारे पानी की झीलें पाई जाती है, जो कि ‘टेथिस सागर’ का अवशेष है।

(1) सांभर झील-

  • सांभर झील का निर्माण शाकम्भरी के चौहान शासक ‘वासुदेव चौहान’ ने 551 ई. में करवाया था। (बिजौलिया शिलालेख से ज्ञात)
  • सांभर झील रामसर साइट (वर्ष 1990) की सूची में भी शामिल है।
  • सांभर झील तीन जिलों में जयपुर, नागौर एवं अजमेर में फैली हुई है।
  • सांभर झील भारत में सबसे बड़ी आंतरिक नमक उत्पादक झील है।
  • यह भारत के कुल नमक का 8.7% नमक उत्पादित करती है।
  • सांभर झील में नमक क्यार पद्धति से उत्पादित किया जाता है।
  • सन् 1960 में राजस्थान सरकार द्वारा सांभर सॉल्ट लिमिटेड की स्थापना की गई थी।
  • वर्ष 1964 में यह भारत सरकार के अधीन आ गई और इसका नाम ‘हिन्दुस्तान सांभर सॉल्ट लिमिटेड’ कर दिया गया।
  • सांभर झील में उत्तरी एशिया से पक्षी आते हैं, जिन्हें फ्लेमिंगो कहते हैं।
  • सांभर झील की लम्बाई 32 किलोमीटर और चौड़ाई 12 किलोमीटर है।
  • एशिया की सबसे बड़ी आंतरिक नमक उत्पादक झील है।
  • इस झील में मेघना, खारी, खण्डेला व रूपनगढ़ नदी का पानी आता है।

(2) डीडवाना – (नागौर)

  • इस झील के नमक में सोडियम सल्फेट ज्यादा पाया जाता है। अत: इस झील का नमक खाने योग्य नहीं होता है।
  • इस झील का नमक चमड़ा उद्योग तथा रंगाई छपाई उद्योग में काम आता है।
  • डीडवाना झील में नमक बनाने की निजी संस्थाओं को देवल कहा जाता है।
  • डीडवाना झील में नमक उत्पादन हेतु वर्ष 1964 में राजस्थान स्टेट केमिकल्स वर्क्स की स्थापना की गई।

(3) पचपदरा झील (बाड़मेर)

  • पचपदरा झील का निर्माण 400 वर्ष पूर्व पंचा भील ने करवाया था। पचपदरा झील में खारवाल जाति के लोग मोरड़ी झाल की सहायता से नमक उत्पादन करते हैं।
  • इस झील का नमक सर्वाधिक खाने योग्य होता है क्योंकि इसमें NaCl 98% होता है और 2% आयोडीन पाया जाता है।

(4) कावोद झील – (जैसलमेर)

  • प्राचीन काल की सर्वश्रेष्ठ नमक उत्पादक झील है।

(5) लूणकरणसर झील – (बीकानेर)

  • उत्तरी राजस्थान की एकमात्र खारे पानी की झील है। इस झील से कम मात्रा में नमक की प्राप्ति होती है।

(6) फलोदी झील – जोधपुर

(7) काछोर झील – सीकर

(8) रेवासा झील – सीकर

(9) कुचामन झील – नागौर

(10) डेगाना झील – नागौर

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राजस्थान के भौतिक प्रदेश – Physical region of Rajasthan Hindi notes pdf download

राजस्थान के भौतिक प्रदेश से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

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